बुधवार, 20 मई 2026

नटिनी खेल करेगी रे

सुख दुःख से उबरेगी रे 

तब रंगत निखरेगी रे 


दुलहन नैहर आई तो है 

कितने दिन ठहरेगी रे


पिय की भुवनमोहिनी चितवन 

दिल में कब उतरेगी रे 


छह रूपों वाली इक सौतन 

घर से कब निकरेगी रे 


सबसे दिल की कह देने की 

आदत कब सुधरेगी रे 


मतलब के हर रिश्ते वाली 

दुनिया कब बिसरेगी रे 


सारे दाँव लगे हैं जिस पर 

काया यहीं जरेगी रे 


ये आनंद नहीं, नाटक है 

नटिनी खेल करेगी रे 


सब छूटेगा, जिस दिन डोली

पिय के घर उतरेगी रे ।।


© आनंद द्विवेदी 

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें