गुरुवार, 25 अप्रैल 2013

इन दिनों

वह कहती है कि
तुम उस भूतनी को भूल क्यों नहीं जाते
हा हा हा हा हा हा हा
और कहती है कि
तुम्हारा अक्षर - अक्षर उसे पुकारता है आज भी
मुझे हज़ार गलियां देती है
और तुम्हें लाख,
वह यह भी कहती है कि वो चुड़ैल तुम्हारा पीछा ही नहीं छोड़ती
तुम्हारी एक एक साँस में झलकती है वो

सच बताऊँ ?
इन दिनों
अच्छा लगता है जब कोई देखता है
मुझमे तुमको
और उसके बाद
बुरा भला कहता है तुमको,

इन दिनों
जाने कैसा हो गया हूँ मैं

- आनंद 

4 टिप्‍पणियां:

  1. आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा शनिवार (27 -4-2013) के चर्चा मंच पर भी है ।
    सूचनार्थ!

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  2. इन दिनों जाने कैसा हो गया हूँ मैं....???
    "बुरा भला" भी "भला" लगने लगा है इन दिनों :-)

    अनु

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