शुक्रवार, 14 सितंबर 2012

नींद की चिट्ठी

रात नींद ने एक चिट्ठी लिखी
नाम तुम्हारा 
पता मेरा ...

सांसें महक सी गयीं 
होंठ खिल पड़े एक मुद्दत बाद 
वही विश्वाश 
वही अपनापन 
आँखें फिर से शरारती हुईं 
तुम्हारे झूले पर बैठे हम पल भर को 

वही चिड़ियों की चहचहाहट ...
मेंहदी इस बार भी अच्छी चढ़ी है
तुमने उतने ही मन से
मुझे खिलाया अपने हाथ से बना खाना
सच कहता हूँ
मुझे बहुत अच्छा लगा

तुम ख्वाबों में
अब भी
वैसी की वैसी हो ...
________________________


- आनंद 

20 टिप्‍पणियां:

  1. choti choti khushiyan dhoondhta hai har pal man ...!!bahut sundar abhivyakti ...!!

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  2. आपकी यह बेहतरीन रचना बुधवार 19/09/2012 को http://nayi-purani-halchal.blogspot.in पर लिंक की जाएगी. कृपया अवलोकन करे एवं आपके सुझावों को अंकित करें, लिंक में आपका स्वागत है . धन्यवाद!

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  3. हकीकत में लोग बदलते हैं ...पर सपनों के चेहरे वही रहते है ..

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  4. बहुत सुन्दर
    प्यारे से भाव लिए....
    मनमोहक रचना...
    :-)

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  5. जो चेहरा मन में होता है ... ख्वाब में वैसा ही आता है ...
    उम्र का असर नहीं होता प्यार में भी ...

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  6. तुम सचमुच ऐसी ही होगी... बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति...

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  7. सच कहा है आपने...
    लोग बदल जाते हैं लेकिन ख्वाब नहीं बदलते....!!
    और ख्वाब न हों तो जिंदगी क्या....??
    बहुत सुन्दर ज़ज्बात....
    नहीं ...नहीं ख्यालात....!!

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  8. लोग बदल जाते हैं लेकिन ख्वाब नहीं बदलते....!
    और ख्वाब न हों तो जिंदगी क्या....??

    बहुत सुन्दर ज़ज्बात....
    नहीं ...नहीं ख्यालात....!!

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  9. लोग बदल जाते हैं लेकिन ख्वाब नहीं बदलते....!
    और ख्वाब न हों तो जिंदगी क्या....??

    बहुत सुन्दर ज़ज्बात....
    नहीं ...नहीं ख्यालात....!!

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  10. लोग बदल जाते हैं लेकिन ख्वाब नहीं बदलते....!
    और ख्वाब न हों तो जिंदगी क्या....??

    बहुत सुन्दर ज़ज्बात....
    नहीं ...नहीं ख्यालात....!!

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  11. लोग बदल जाते हैं लेकिन ख्वाब नहीं बदलते....!
    और ख्वाब न हों तो जिंदगी क्या....??

    बहुत सुन्दर ज़ज्बात....
    नहीं ...नहीं ख्यालात....!!

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  12. लोग बदल जाते हैं लेकिन ख्वाब नहीं बदलते....!
    और ख्वाब न हों तो जिंदगी क्या....??

    बहुत सुन्दर ज़ज्बात....
    नहीं ...नहीं ख्यालात....!!

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  13. कुछ लोग कभी नहीं बदलते....
    उनके ख्वाब भी नहीं बदलते...
    अच्छी रचना है....
    आनंदजी....!!

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  14. लोग बदल जाते हैं लेकिन ख्वाब नहीं बदलते....!
    और ख्वाब न हों तो जिंदगी क्या....??

    बहुत सुन्दर ज़ज्बात....
    नहीं ...नहीं ख्यालात....!!

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  15. लोग बदल जाते हैं लेकिन ख्वाब नहीं बदलते....!
    और ख्वाब न हों तो जिंदगी क्या....??

    बहुत सुन्दर ज़ज्बात....
    नहीं ...नहीं ख्यालात....!!

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  16. तुम ख्वाबों में
    अब भी
    वैसी की वैसी हो ...
    सुंदर रचना |
    मेरी नई पोस्ट:-
    मेरा काव्य-पिटारा:बुलाया करो

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