बुधवार, 25 जुलाई 2012

बदलाव चाहते हैं तो बदलाव कीजिये




काबा भी  खूब जाइए  काशी भी जाइए
पहले दिलों में प्यार के दीपक जलाइए

आँखों को नम न कीजिये यूँ बात बात पर 

दुनिया के ग़म भी देखिये  कुछ मुस्कराइए

फौरन से पेश्तर सुकून दिल को मिलेगा
बच्चों के साथ खेलिए उनको हंसाइये

महफ़िल में दिल का दर्द बयाँ कर चुकें हों तो
फ़ाका-क़शों  की बात भी थोड़ी चलाइये

सत्संग से मिलाद से  कुछ वक़्त बचे  तो
दो पल की किसी गरीब का बच्चा पढ़ाइये

बदलाव  चाहते  हैं  तो  बदलाव  कीजिये
नाहक न यहाँ मुल्क की कमियां गिनाइये

'आनंद' वहीं है  जहाँ दुनिया में  दर्द है
अपने को इस तरह से सभी का बनाइये

- आनंद
२५-०७-२०१२


22 टिप्‍पणियां:

  1. हमेशा की तरह ...बहुत सुंदर भाव ....!!
    शुभकामनायें आनंद भाई ...!!

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  2. वाह......
    सारी नसीहतें सर आँखों पर...
    बेहतरीन गज़ल..

    सादर
    अनु

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  3. बहुत अच्छी -अच्छी बाते कही है आपने सर जी..
    बहुत बढ़िया , सुन्दर भाव लिए रचना...
    :-)

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  4. बदलाव चाहते हैं तो बदलाव कीजिये
    नाहक न यहाँ मुल्क की कमियां गिनाइये
    वाह ये कही ना आपने एकदम खरी बात...सुन्दर प्रस्तुति...बहुत-बहुत आभार

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  5. फौरन से पेश्तर सुकून दिल को मिलेगा
    बच्चों के साथ खेलिए उनको हंसाइये


    बहुत खूब .... खूबसूरत गजल

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  6. बदलाव चाहते हैं तो बदलाव कीजिये
    नाहक न यहाँ मुल्क की कमियां गिनाइये....काश हम में से हरेक इस तरह सोचे...और कुछ करे

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  7. महफ़िल में दिल का दर्द बयाँ कर चुकें हों तो
    फ़ाका-क़शों की बात भी थोड़ी चलाइये

    सत्संग से मिलाद से कुछ वक़्त बचे तो
    दो पल की किसी गरीब का बच्चा पढ़ाइये\ वाह बहुत खूब। सुन्दर गज़ल।

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  8. फौरन से पेश्तर सुकून दिल को मिलेगा
    बच्चों के साथ खेलिए उनको हंसाइये
    वाह ... बहुत खूब मन को छूते हुए भाव

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  9. बदलाव चाहते हैं तो बदलाव कीजिये
    नाहक न यहाँ मुल्क की कमियां गिनाइये

    बहुत सुंदर..यूँ तो हर शेर लाजवाब है..

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  10. आँखों को नम न कीजिये यूँ बात बात पर
    कुछ एहतियात बरतिए कुछ मुस्कराइए

    ...........::)))))

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  11. खूबसूरत एहसास ...दुआ हैं की ऐसे ही लिखते रहे आप

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  12. बदलाव चाहते हैं तो बदलाव कीजिये
    नाहक न यहाँ मुल्क की कमियां गिनाइये...

    सार्थक पंक्तियाँ... :)

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  13. फौरन से पेश्तर सुकून दिल को मिलेगा
    बच्चों के साथ खेलिए उनको हंसाइये
    Kitna sundar khayal hai!

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  14. फौरन से पेश्तर सुकून दिल को मिलेगा
    बच्चों के साथ खेलिए उनको हंसाइये ..

    बहुत ही उम्दा बात ... लाजवाब शेर है इस गज़ल का ... बहुत खूब ..

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  15. बहुत खूबसूरत गज़ल है आनंद जी
    आशा

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  16. बदलाव चाहते हैं तो बदलाव कीजिये
    नाहक न यहाँ मुल्क की कमियां गिनाइये....
    क्या बात है... वाह!
    सादर बधाई स्वीकारें।

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  17. आप सभी मित्रों का हार्दिक आभार !

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