मंगलवार, 9 अगस्त 2011

कितनी मुश्किल से मिला है यार का कूचा मुझे



यार की महफ़िल है यारों राज़ की बातें करो
ऐसे मौकों पर निगाहे नाज़ की बातें करो

कितनी मुश्किल से मिला है यार का कूचा मुझे
भूल कर अंजाम, बस आगाज़ की बातें करों

मुझको आदत पड़ गयी है आसमां की ,चाँद की
पंख की बातें करो , परवाज़ की बातें करो

डूब जाओ इश्क में तुम, भूल कर दुनिया के गम
हुस्न की बातें करो , अंदाज़ की बातें करों

ज़िन्दगी को गीत जैसा , गुनगुनाना हो अगर
साज़-ए-दिल पर बज उठी आवाज़ की बातें करो

आज कल 'आनंद' को कुछ तो हुआ है दोस्तों
आँख भर आती है गर हमराज़ की बातें करो

   -आनंद द्विवेदी ०३-०८-२०११

22 टिप्‍पणियां:

  1. कितनी मुश्किल से मिला है यार का कूचा मुझे
    भूल कर अंजाम, बस आगाज़ की बातें करों
    वाह ...बहुत बढि़या ।

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  2. वाह वाह …………सभी शेर खूबसूरत्।

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  3. ब जाओ इश्क में तुम, भूल कर दुनिया के गम
    हुस्न की बातें करो , अंदाज़ की बातें करों


    बहुत सुन्दरता से अपने जज्बातों को अभिव्यक्त किया है .....हुस्न की बात और गम का भूलना ......लेकिन जब हुस्न बिछड़ता है तो उसके गम को कैसे दूर किया जाये .....!

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  4. बहुत दिनों बाद दिमागी कीड़े ने काटा ..और परिणाम स्वरुप खूबसूरत गज़ल मिली पढने को ...

    सुन्दर अभिव्यक्ति

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  5. कितनी मुश्किल से मिला है यार का कूचा मुझे
    भूल कर अंजाम, बस आगाज़ की बातें करों
    ...बहुत बढि़या ।…सभी शेर खूबसूरत् अंदाज से कहे हैं....

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  6. एक बार फिर कहना पड़ेगा..बेहतरीन !

    पूरी की पूरी ग़ज़ल ही लाजवाब है..!!

    किसी एक शेर की तारीफ करूँ तो नाइंसाफी होगी
    दूसरे शेरों के साथ....

    बस.....


    "आँख भर जाए तो भी हमराज़ की बातें करो !"

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  7. "ज़िन्दगी को गीत जैसा , गुनगुनाना हो अगर
    साज़-ए-दिल पर बज उठी आवाज़ की बातें करो".... बहुत खूबसूरत ग़ज़ल.. यह शेर जीवन का फलसफा समझा रही है... बहुत बढ़िया आनंद भाई

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  8. ज़िन्दगी को गीत जैसा , गुनगुनाना हो अगर
    साज़-ए-दिल पर बज उठी आवाज़ की बातें करो

    आज कल 'आनंद' को कुछ तो हुआ है दोस्तों
    आँख भर आती है गर हमराज़ की बातें करो
    pahli baar aapke blog pe aana hua..aap jaise behtarin shayar se parichit karane ke liye charcha manch ko bhi dhanyawad,,,aapko is utkrist ghazal ke liye kotisah badhayee..aaur apne blog pe najre inayat ke liye amantran ke sath

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  9. आपकी पोस्ट आज के चर्चा मंच पर प्रस्तुत की गई है
    कृपया पधारें
    चर्चा मंच

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  10. अति सुंदर रचना, मन और मस्तिष्क को
    स्पन्दित करने वाली प्रभावशाली अभिव्यक्ति.
    साधुवाद
    आनन्द विश्वास.

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  11. अति सुंदर रचना, मन और मस्तिष्क को
    स्पन्दित करने वाली प्रभावशाली अभिव्यक्ति.
    साधुवाद
    आनन्द विश्वास.

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    स्पन्दित करने वाली प्रभावशाली अभिव्यक्ति.
    साधुवाद
    आनन्द विश्वास.

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    स्पन्दित करने वाली प्रभावशाली अभिव्यक्ति.
    साधुवाद
    आनन्द विश्वास.

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    स्पन्दित करने वाली प्रभावशाली अभिव्यक्ति.
    साधुवाद
    आनन्द विश्वास.

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  15. अति सुंदर रचना, मन और मस्तिष्क को
    स्पन्दित करने वाली प्रभावशाली अभिव्यक्ति.
    साधुवाद
    आनन्द विश्वास.

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  16. इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.

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  17. आपकी पोस्ट "ब्लोगर्स मीट वीकली "{४) के मंच पर शामिल की गई है /आप आइये और अपने विचारों से हमें अवगत कराइये/आप हिंदी की सेवा इसी तरह करते रहें ,यही कामना है /सोमवार १५/०८/११ को आपब्लोगर्स मीट वीकली में आप सादर आमंत्रित हैं /

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