गुरुवार, 28 अप्रैल 2011

सोच समझकर करना



किसी को प्यार करो सोंच समझकर करना
दिल-ए-बेजार करो, सोच समझकर करना 

इश्क सुनता है भला कब नसीहतें किसकी
हज़ार बार करो,   सोच समझ कर करना  

एक लम्हा है जो गुजरा तो फिर न आएगा 
जो इंतजार करो,   सोच समझ कर करना   

प्यार की हद से गुजरने की बात करते हो 
हदें  जो पार करो, सोच समझ कर करना  

जानलेवा तेरी नज़रों को,   लोग कहते हैं 
जो कोई  वार करो,  सोच समझ कर करना  

मैंने 'आनंद' के देखे हैं,   अनगिनत चेहरे 
जो ऐतबार करो , सोच समझ कर करना  

        --आनंद द्विवेदी २८-०४-२०११

12 टिप्‍पणियां:

  1. प्यार... सोच समझकर ? फिर प्यार क्या !

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  2. मैंने 'आनंद' के देखे हैं, अनगिनत चेहरे,
    जो ऐतबार करो , सोंच समझ कर करना !
    bahut badhia ..!

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  3. एक लम्हा है जो गुजरा तो फिर न आएगा ,
    जो इंतजार करो, सोंच समझ कर करना


    यह शे'र समय की प्रासंगिकता को समझाता है .....आपने बहुत सटीक शब्दों में कहा है सोच समझ कर करना ...लेकिन इस पर तो किसी का वश नहीं "किसी को प्यार करो सोंच समझकर करना," अगर सोच समझकर किया जाता है तो प्यार नहीं होता .....आपका शुक्रिया

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  4. इश्क सुनता है भला कब नसीहतें किसकी ?
    हज़ार बार करो, सोंच समझ कर करना !

    एक लम्हा है जो गुजरा तो फिर न आएगा ,
    जो इंतजार करो, सोंच समझ कर करना !
    बेहतरीन शब्‍द रचना ।

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  5. प्यार की हद से गुजरने की बात करते हो ,
    हदें जो पार करो, सोंच समझ कर करना !
    ---------------------------------
    प्रिय आनंद दिवेदी जी
    सटीक पंक्तियों के मेल से प्यार करनेवालों के लिए सही नसीहत प्रस्तुत किये हैं धन्यवाद |

    VISIT HERE... www.akashsingh307.blogspot.com

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  6. Soch samajh ke to is me se ekbhee baat nahee ho saktee! Lekin rachana hai bahut badhiya,is me shak nahee!

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  7. हिसाब किताब सोच समझ के करना !

    गुणा-भाग सोच समझ के करना !

    जोड़-तोड़ समझ के करना !

    पर जब इश्क में पड़ना -

    कुछ मत 'करना'!

    तुमने कुछ किया ...और तुम चूके !

    इश्क में होना !

    इश्क मत करना !

    'Being' , n not 'doing'

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  8. 'प्यार की हद से गुजरने की बात करते हो

    हदें जो पार करो , सोच समझ कर करना '

    ===========================

    बड़े सलीके से कहा है द्विवेदी जी .......उम्दा ग़ज़ल

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  9. प्यार की हद से गुजरने की बात करते हो ,
    हदें जो पार करो, सोंच समझ कर करना
    बहुत सुन्दर भाव है । आप मेरे ब्लांग में आये और मेरा हौसला बढा़या , बहुत बहुत धन्यवाद आभार सहित….

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  10. Kash pyar soch samjh kar kiya jaa sakta..anand ji pyaar wo shay hai jise karte hue insaan kuchh nahi sochta bas pyaar karta hai...aur
    pyaar main aksar hadd se guzar jaya karte hain,
    rote hain chhup chhup kar,naam khoon se likh kar ashkon se mitaya karte hain.....
    aap maahir han likhne main..aur main aapki Fan hoon..:)

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