आनंद
एक 'आनंद' वहाँ भी है जहाँ बेवजह आँख छलछला जाये !
रविवार, 15 फ़रवरी 2026
कहीं और चला जा
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मत कर नया समर, तू कहीं और चला जा अब छोड़ ये डगर तू कहीं और चला जा। जो ज़ख़्म पे मरहम हो, शफ़ा हो शुकून हो ये वो नहीं है घर, तू कहीं और चला...
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एक बेटा उदास है कि उसकी माँ हो गयी है जोगन कि उसने कह दिया है कि वह अब संसार के बंधनों से मुक्त है कि साक्षात शिव ने वर लिया है उसे मग...
शुक्रवार, 27 मई 2022
खुशियों..!
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खुशियों अबकी घर आना तो साथ बहाने मत लाना थोड़ा सा मरहम ले आना, जख़्म पुराने मत लाना चश्मा, चप्पल, फ़ोन, चार्जर और दवाई रख लेना सिगरेट की डिब...
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मंगलवार, 10 मई 2022
जिंदगी
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रंग क्या-क्या दिखाती रही उम्र भर जिंदगी कुछ सिखाती रही उम्र भर एक मिसरा ग़ज़ल का नहीं बन सकी जाने क्या बुदबुदाती रही उम्र भर जिस...
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शुक्रवार, 18 मार्च 2022
होली और फाग
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फाग -------- कल से कुछ साथी बार बार इस फाग का जिक्र कर रहे हैं लगभग 25 वर्ष हो गए इसको पूरे मनोयोग से गाये हुए अब सब भूल गया हूँ फिर भी कोशि...
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